नारी हूँ व अपने अंदाज से सजना संवरना है मुझे # जिंदगी की किताब (पन्ना # 372)

नारी हूँ व अपने अंदाज से सजना संवरना है मुझे हर नारी खूबसूरत दिखने के लिये सजना संवरना चाहती है । मै भी नारी हूँ व खूबसूरत दिखना चाहती है पर अपने अंदाज व अपनी शर्तो पर,अपनी संतुष्टि के लिए । मै खूबसूरत लगना चाहती हूँ पर दूसरों की अपेक्षाओं पर बने रहने के लिए,…