प्रेरक कहानी # जिंदगी की किताब (पन्ना # 370)

साँझ ढले एक आदमी ने अंधकार मिटाने के लिये अपने घर मे छ: मॉमबतियॉ जलाई व बाहर चला गया । पहली मोमबत्ती जो जज़्बात की प्रतीक थी उसने कहा कि मेरी यहॉ कोई कीमत नही है जलकर क्या करूँ और वह बुझ गई । उसे देखकर दूसरी मोमबती जो शांति का प्रतीक थी उसने कहा…

आध्यात्मिक बात # जागृति # Quote

क़ुदरत का नियम है कि किसी के द्वारा मिले मान पर उससे जितना राग होगा ,उतना ही उसके द्वारा मिले अपमान पर उससे द्वेष हो जायेगा इसीलिये … किसी के दिये गये मान के लड्डू को सोच समझकर खाना क्योकि यह खाने मे जितना मीठा लगेगा उतना ही उसके द्वारा दिया गया अपमान काघूँट कडवा…