हाथ से भोजन करने का वैज्ञानिक कारण # जिंदगी की किताब (पन्ना # 368)

आजकल कई लोग पाश्चात्य सभ्यता का अनुकरण करते हुये हाथ से भोजन करने की बजाय चम्मच कॉटे छुरी का इस्तेमाल करते है व इसमे अपनी शान समझते है । लेकिन हमारे बुज़ुर्ग लोगो ने भोजन करने के लिये चम्मच कांटे की बजाय हाथ से भोजन करने को ज्यादा महत्व दिया । हाथ से भोजन करने…

आओ कुछ ऐसा करे # जिंदगी की किताब (पन्ना # 367)

प्रेरक कथा आओ कुछ ऐसा करे …. रामू मिल का चौकीदार था ,उसकी ये खासियत थी कि वह मिल मे काम करने वाले हर व्यक्ति को कभी भी आते जाते समय good morning या good night या सलाम , नमस्ते जरूर करता ,चाहे वह आदमी कोई भी पद पर हो । उसका ऐसा heartily बोलना…

दर्द का अहसास # जिंदगी की किताब (पन्ना # 366)

दर्द का अहसास….. आज गुड़िया शादी के बाद पहली बार ससुराल से मायके मे कुछ दिनों के लिये आ रही थी ,पूरे घर मे चहल पहल थी ।इकलौता भाई बाहर से उसकी मनपसंद की वस्तुये ला रहा था ,तो भाभी उसके पसंद की खाने की चीज़ें बना रही थी । ट्रेन आने के समय से…

एक ऐसा डाईवॉर्स जिसके होने के बाद दिमाग ने नही दिल ने गवाही दी # जिंदगी की किताब (पन्ना # 365)

आज कुछ काम से court मे जाना हुआ , वक़ील साहब के आने मे टाईम था । पास मे बैठे एक व्यक्ति ने बात करते समय बताया कि वह अपनी तलाक की पहली पेशी के लिये यहॉ आया है । तलाक का कारण सुनकर मैने कहा कि आप जैसा ही क़िस्सा मेरे अज़ीज़ दोस्त के…

मृत्युभोज के नाम एक संदेश # जिंदगी की किताब (पन्ना # 364)

🔸जिस घर मे पुत्र शोक पर क्रंदन कर रहे मॉ पिता वहॉ भोजन का निवाला तुम्हे कैसे भाता होगा ? 🔸जिस घर मे सूनी मॉग लिये रोती बिलखती विधवा युवती वहॉ बडे चाव से पंगत खाते हुये तुम्हे ज़रा भी पीड़ा नही होती ? 🔸जिस घर मे रक्षा सूत्र लिये बहना अपने भाई की याद…

बडे बुज़ुर्ग की जुबानी गुजरे जमाने की कहानी # जिंदगी की किताब (पन्ना # 363)

बडे बुज़ुर्ग की जुबानी गुजरे जमाने की कहानी आज भी रूह को छू जाती है 🔘Black n white जमाने मे शर्म से ही चेहरा गुलाबी हो जाता था Parlour गये बिना ही चेहरा चमकाहट से भर जाता था जाने क्यो अब parlour जाकर भी वैसा चेहरा चमकाना मुश्किल हो जाता है 🔘Black n white जमाने…

मन का आईना # जिंदगी की किताब (पन्ना # 362)

मन का आईना ….. एक नगर में राजा था जिसके पास अपार सम्पति,सोना चॉदी और हीरे जवाहरात थे । दिल का बहुत अच्छा था ।हमेशा लोगो की भलाई के लिये सोचता रहता था ।कोई भी उसके द्वार से खाली हाथ नही लोटता था ।साथ में वह नयी नयी चीजो को बनवाने का शौकीन था ।लेकिन…

मानवता # जिंदगी की किताब (पन्ना #361)

बदलते वक्त मे बदल गई इंसान की सोच मानवीय भावनाओ मे आ गई खोट । यूँ तो कहलाते है हम आर्यों की संतान पर ढूँढने से भी ना मिले इंसान की हैवानियत का भंडार । हम इंसानो की भूखी हवस से जानवर तो क्या इंसान भी कहॉ बच पाते है । कैसे इंसान है जो…

बुढ़ापे मे हाथ पाव जवाब देने लगे # जिंदगी की किताब (पन्ना # 360)

👌👌👌🙏🙏🙏👍👍👍 👌👌जब बुढ़ापे मे हाथ पाव जवाब देने लगते है उस समय बहू घर की कैसे भी साज संभाल करे वो महत्वपूर्ण नही रह जाता बल्कि बेटी की तरह उनकी सेवा करे , ध्यान रखे वो महत्वपूर्ण हो जाता है । फिर क्यो ना हम शुरू से ही बहू को बहू ना मानकर एक बेटी…

लडकियॉ को कमजोर ना समझो # जिंदगी की किताब (पन्ना # 359)

लडकियॉ को कमजोर ना समझो ।इसकी मिसाल ये छ: लड़कियां है ,जो लडकियॉ नही भारतीय नौसेना की छ: रण चण्डिकाए है। जिन्होंने जलमार्ग द्वारा 40,000 किमी की यात्रा सागर मंथन 55 फुट लंबी आईएनएस तारिणी (मेड इन इंडिया )नाव के द्वारा सागर नाविका परिक्रमा के अंतर्गत पूरे विश्व की परिक्रमा की है देश का गौरव…

नारी # जिंदगी की किताब (पन्ना # 358)

देख नारी की हालत ,छलनी हो जाता है सीना , पैसा ,पद के दम पर,नारी की आबरू को छीना पैसो के जो लालची , सौदेबाज़ी करते ना थकते जैसे लडकी तो गुडिया है , खाने की पुडिया है बनते फिरते दु:शासन ,आज चीर सब हरते मॉ का मान भूल गये , अय्याशी मे डूब गये…

सोचने वाली बात# जिंदगी की किताब (पन्ना # 355)

एक लड़की fruits ख़रीदने बाजार गई वहॉ काफ़ी fruits वाले फुटपाथ पर बेच रहे थे लड़की ने एक बूढ़े बुज़ुर्ग जो Apple बेच रहा था उसके दाम पूछे बूढ़े बुज़ुर्ग ने कहा बेटी एक किलो का दाम नब्बे रूपये है उस लड़की ने कहा कि तीन किलो एक साथ लेने पर पचास रूपये कम दूँगी…