Quote # 129

न चादर बड़ी कीजिये न ख़्वाहिशें दफ़न कीजिये चार दिन की जिन्दगी है बस चैन से बसर कीजिये आपकी आभारीविमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏 Advertisements

Quote # 154,155, 156)

इस दुनिया मे मेरे भी बहुत थे अपने लेकिन सच बेलने के नशे ने हमे लावारिस बना दिया is duniya me merey bhi bahut they apane lekin sach bolnay ke nashe ne hamey lawaris bana diya राहत भी अपनो से मिलती है , चाहत भी अपनो से मिलती है , अपनो से कभी नही रूठना…