संस्कार # जिंदगी की किताब (पन्ना # 319)

आज की भोगवादी संस्कृति ने उपभोगवाद को जिस तरह से बढ़ावा दिया है ,उससे बाहरी चमक दमक से ही इंसान को पहचाना जाता है जिसका परिणाम अच्छा नही है । वास्तव मे इंसान की पहचान संस्कारों से बनती है जो हमारे जीवन की शक्ति है । संस्कार उसके पूरे जीवन को दर्शाते है । उच्च…