डिप्रेशन ( अवसाद ) # जिंदगी की किताब (पन्ना # 318 )

शारीरिक रोग से ग्रस्त व्यक्ति का इलाज करना आसान होता है क्योंकि वह दवा द्वारा ठीक किया जा सकता है लेकिन मानसिक रोग के ग्रस्त व्यक्ति के इलाज मे परेशानी आती है क्योंकि इसमें रोगी की मानसिक स्थिती को बदलना मुख्य दवा है जो महत्वपूर्ण भी है ।

सुनने मे डिप्रेशन एक साधारण रोग लगता है । पर यह जीवन की सारी कार्यप्रणाली व व्यवस्था को प्रभावित करता है । मानसिक दुख, आघात व तनाव आदि जीवन की मूल बीमारियों की जड़ है ।मानसिक तनाव से ग्रसित व्यक्ति का मन मस्तिष्क रूग्ण व विक्षिप्त हो जाता है जो शरीर व जीवन को शिथिल करता है व कभी कभी आत्महत्या तक की भी सोच लेता है ।

कई बार जिन्दगी मे पारिवारिक संबंधो , पारिवारिक समस्याओ , नौकरी या व्यापारिक परेशानियॉ ,प्यार मे धोखा होना या असफलता , आर्थिक नुकसान , विश्वासघात, किसी प्रिय व्यक्ति की मृत्यु …ऐसे कई कारण बन जाते है जिसके कारण इंसान की मानसिक स्थिती असंतुलित हो जाती है व तनाव ग्रस्त हो जाता है ।

कई बार बहुत दवाइयॉ खाने , थॉइरॉयड ग्रन्थि के ठीक प्रकार से काम न करने ,स्त्रियों मे हॉर्मोन्स के असंतुलन , भूखे रहकर वज़न घटाने की स्थिति , व्यायाम ना करना , पौष्टिक भोजन न करना आदि भी कारण हो सकते है

इन कारणों की वजह से इंसान उदास व दिन प्रतिदिन निराश रहने लगता है । शारीरिक शक्ति का कम होना,भूख ना लगना ,स्वभाव का चिड़चिड़ापन होना , अकेले रहने का मन करना , अपने आप से घृणा होना ,भले बुरे विचार आना ,बिना काम के थकावट लगना ,किसी भी काम मे मन नही लगना ,शरीर मे दर्द रहना , सेक्स मे रूचि कम होना या समाप्त हो जाना , घर ,परिवार , कामकाज , व्यवसाय , सुख आराम सब व्यर्थ लगने लगता है व जीवन बोझिल लगने लगता है । ऐसे व्यक्ति भविष्य के बारे मे सोचना बंद करके अपने वर्तमान को भी खराब कर देते है ।

डिप्रेशन दो प्रकार का होता है

1. रिएक्टिव डिप्रेशन – इसका कारण किसी प्रिय व्यक्ति की मृत्यु , आर्थिक नुक़सान ,प्रेम मे असफलता …. और भी कई कारण हो सकते है जिसकी वजह से ये होता है

2. एन्डोजिनस डिप्रेशन – यह इंसान के अंदर बगैर कारण के जाग्रत हो जाता है ।इस प्रकार के डिप्रेशन वाइरल इंफ़ेक्शन व कई बार महिलाओं मे बच्चों को जन्म देने बाद हार्मोन परिवर्तन के कारण हो जाता है ।

हमारी जिन्दगी मे तन व मन दोनो पूरक है ।मन स्वस्थ हो तो तन भी स्वस्थ रहेगा ।दिमाग के डॉ के पास जाते है तो वह अवसाद के लिये जो भी दवा देते है वह दवा मन मस्तिष्क को पूरी तरह रिलेक्स करने के लिये के लिये दी जाती है ।तन को दवा देने के साथ मन को भी दवा दी जाये यानि दोनो और से प्रयास किया जाये तो व्यक्ति पूरी तरह से जल्दी ही स्वस्थ हो जाता है ।

अगर डिप्रेशन का कारण मालूम है तो सबसे पहले डिप्रेशन वाले व्यक्ति को पूरी सहानुभूति के साथ यथासंभव मनोबल को बढ़ाना चाहिये व उसे समझाना चाहिये कि जिन्दगी का नाम ही संघर्ष है फिर घबराना कैसा ।जीवन मे बाधाये तो आती रहेगी पर ऐसी कोई भी बाधा नही जिसको आत्मविश्वास के जरिये विजय प्राप्त ना कर सके

इसके अलावा कुछ उपाय है जो तनावग्रस्त व्यक्ति को तनाव से मुक्त कर सकते है ।

1. तनाव से निजात पाने के लिये सबसे ज्यादा जरूरी है कि दिन मे कम से कम पॉच मिनट के लिये चार पॉच बार खुले दिल से हँसे व मुस्कराये जिसके कारण तन व मन मे प्रसन्नता का संचार होगा ।

2. अवसाद या तनाव से छुटकारा पाने के लिये किसी भी पेपर पर ड्राईंग करे । चाहे चित्रकारी आती हो या ना आती हो ।यदि नही आती हो तो आडी तिरछी लकीरे ही खिचे ।

3. प्रतिदिन अपनी पसंद का म्युजिक सुनना या डांस करना भी तनाव को कम करने मे सहायक होता है ।ऐसा करने से मन मस्तिष्क को काफी हद तक सुकुन मिलेगा ।

4. ध्यान , योगनिद्रा , कायोत्सर्ग आदि भी मानसिक तनाव या अवसाद को दूर करने मे मदद करते है ।ऐसा करने से शरीर का रोम रोम तो रिलेक्स होगा ही साथ मे हर अंग मे प्रसन्नता का संचार होगा ।

5. प्रकृति को निहारना भी एक उपाय है ।यदि प्रकृति के सुंदर दृश्यो को देखते हुये उसमे खो जाये तो अवसाद कम होने लगेगा

6. यदि व्यक्ति स्वयं को अपनी हॉबी या पसंद के कार्य मे अपने आप को पूरी तरह व्यस्त रखे तो भी तनाव या अवसाद से निजात पा सकते है ।

7. सकारात्मक सोच को बढावा दे । जैसे ही नेगेटिव विचार आये तुरंत मन को बोले कि ये विचार सही नही है , व ईश्वर से नकारात्मक विचारो से निकलने के लिये शक्ति मॉगे ।या फिर जो भी नेगेटिव विचार आये उसको एक पेपर पर लिखे व बाद मे उसे फाडकर फेक दे । ये उपाय भी मानसिक अवसाद को दूर करने मे काफी हद तक सहायक होगा ।

8. डिप्रेशन वाले व्यक्ति को अकेला ना छोड़े । पूरे दिन वह कम से छ: से आठ गिलास पानी जरूर पीये व रोज नहाये । सात्विक खाने पर जोर दे । सुबह शाम हरी घास पर नंगे पाव चले ।

इन उपायो को कीजिये । अवसाद से मुक्त हो जाइये व खोये हुये आत्मविश्वास को फिर से जगाइये

आपकी आभारी विमला विल्सन

जय सच्चिदानंद 🙏🙏

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