आंतरिक या बाह्य योद्धा ? # जिंदगी की किताब (पन्ना # 310)

हम सभी एक तरह से अपनी संपूर्ण जिन्दगी के बाह्य व आन्तरिक युद्ध के योद्धा है । हमारे चक्षु बाहर की दुनिया को देखने मे इतने अभ्यस्त है कि उन्हें कभी अपने अंदर झॉकने का ध्यान ही नही जाता । लेकिन जिस दिन हम आंतरिक चक्षु के अभ्यस्त हो जायेंगे ,उस दिन हम अपने भीतर…

बसंत पंचमी # Quote

आप सभी को बसंत पंचमी की ह्रादिक शुभकामनायें आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏