लफ्ज # (61,62,63)

1. आसान नही है ,इंसान के घर जन्म पाना !

उससे भी कठिन है ,इंसान कहलाना !


2. नीच से नीच इंसान भी उठ सकता है ,

उठाने वाला चाहिये !

दुनिया झुक सकती है , झुकाने वाला चाहिये !


3. वही इंसान है जो इंसान के लिये मरे !

वही पशु वृत्ति है जो आप आप ही चरे !


आपकी आभारी विमला विल्सन

जय सच्चिदानंद 🙏🙏

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3 Comments Add yours

  1. बहुत खूब 👌

    अपने सपनों के लिए,,,,,,,,,
    दूसरों को कुचल देते हैं लोग।

    फिर उन्हें मुश्किल में छोड़,
    यूँ ही, आगे चल देते हैं लोग।

    ©jabarjastshayar

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    1. सही कहा आपने …सराहने के लिये बहुत बहुत शुक्रिया

      Liked by 1 person

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