लफ्ज # (61,62,63)

1. आसान नही है ,इंसान के घर जन्म पाना ! उससे भी कठिन है ,इंसान कहलाना ! 2. नीच से नीच इंसान भी उठ सकता है , उठाने वाला चाहिये ! दुनिया झुक सकती है , झुकाने वाला चाहिये ! 3. वही इंसान है जो इंसान के लिये मरे ! वही पशु वृत्ति है जो... Continue Reading →

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Quotes # 76

One has become entrenched in kusang (association that takes one away from the Self; bad company). That is why the disease of worldly life has become chronic. And what if one were to become entrenched in satsang? कुसंग का अध्यास हो गया है। इसलिए संसार-रोग ‘क्रॉनिक’ हो गया है! यदि सत्संग का अध्यास हो जाए... Continue Reading →

भोजन करने से पूर्व याद रखना जिंदगी की किताब (पन्ना # 308)

भोजन करने से पूर्व याद रखना ...... प्रभु का नाम लेकर खाना, दीन दुखी को देकर खाना । कड़ी भूख लगने पर खाना , भोजन खूब चबा चबाकर खाना मन शांत रखकर खाना , सही समय पर खाना । जितना पचे उतना ही खाना,पच न सके वह कभी ना खाना । लेटे लेटे कभी ना... Continue Reading →

यही है जिन्दगी # जिंदगी की किताब (पन्ना # 307)

जिन्दगी का जीवन चक्र ...... संसार एक बगिया है हम सभी उसके फूल है । एक डाल पर एक फूल खिला देखकर राही का मन मचल गया ठिठक कर देखा इधर उधर तोड़ा और कोट मे लगा दिया शाम हुई फूल मुरझा गया उठाया और कचरे मे फेंक दिया । बालक का भी जन्म हुआ... Continue Reading →

Quotes # 78

Pati patni rath ke do pahiye hai Pati jeewan rath ka sarthi aur sanchalak hai toh patni triveni sangam hai Khaana banate samay maa ki bhoomika, sneh mein behen ki bhoomika aur sukh dukh mein sahbhagini ke saath ardhangini ban jaati hai. पति पत्नी रथ के दो पहिये है पति जीवन रथ का सारथी और... Continue Reading →

Quotes # 75

एक आत्मा में कितना ज्ञान है? इस जगत् के जितने जीव हैं, उन सभी का ज्ञान इकट्ठा किया जाए, उतना ज्ञान एक आत्मा में है! How much knowledge is there in one Soul (Atma)? However many living beings there are in this world, if the knowledge of all those living beings was to be put... Continue Reading →

Quotes # 74

maa baapu ne ek dard bhara khat likha ab to gaav aaya kar , ghar va yaha ki sadake pakkee ho gayi hai माँ बापू ने एक दर्द भरा खत लिखा अब तो गाँव आया कर , घर व यहॉ की सड़के पक्की हो गई है । आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏 picture... Continue Reading →

स्वावलम्बन independency) , परावलम्बन # जिंदगी की किताब (पन्ना # 406)

क्या अच्छा है स्वावलम्बन होना या (independency) , परावलम्बन होना ? हर मनुष्य मे किसी भी कार्य को करने की अगाध क्षमता व शक्ति होती है । अपनी पसंद या नापसंद कार्यो के अनुसार उसकी हर क्षेत्र मे अलग अलग क्षमता होती है लेकिन होती जरूर है। बस जरूरत है अपने ऊपर भरोसा रखने की... Continue Reading →

Quotes # 73

Smile at each other. Smile at your wife, smile at your husband, smile at your children, smile at each other . it doesn’t matter who it is ,and that will help to grow up in greater love for each other . — Mother Teresa Vimla Wilson

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