पति पत्नी की तकरार को कहो “लड़ाई या प्यार” # जिंदगी की किताब (पन्ना # 375)

पति पत्नी की तकरार को कहो “लड़ाई या प्यार”

लड़ाई के लिये बात नहीं बतंगड चाहिये

बिना वजह का बवंडर चाहिये

मेरे घरवालों को ऐसा क्यों कहा ?

मेरी इच्छाओ को पैसों से क्यों तौला ?

सबके सामने वैसा क्यों बोला ?

मॉ के जैसा क्यों बोला ?

बेकार मे क्यों तनी रहती हो ?

जासूस बनकर क्यों फिरती हो ?

तो मुझे क्यो सताते हो ?

घरवालों का पक्ष क्यों लेते हो ?

दौड़भाग क्या इसीलिये करता हूँ ?

मर्जी से कहॉ जी पाता हूँ ?

घर की नौकरानी हूँ क्या ?

बड़ी बड़ी बातें क्यों करते हो ?

?????????????👊👊👊👊

लड़ाई तो जिन्दगी भर

चल सकती है पिया – गौरी

सुलह के लिये चाहिये

सिर्फ एक “सॉरी”


आपकी आभारी विमला विल्सन

जय सच्चिदानंद 🙏🙏

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4 Comments Add yours

  1. 🎣      🎣                 
    ⏰     ⏰                     
         📌     
         💢

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  2. Madhusudan says:

    WAAH…..BAHUT KHUB LIKHA…

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