सुख दुख का माप # जिंदगी की किताब (पन्ना # 368)

एक व्यक्ति ने किसी संत पुरूष से सवाल किया कि गुरूजी हम सुखी है या दुखी है इसका आकंलन करने के लिये क्या करना चाहिये ?

गुरूजी बोले कि इसका आंकलन करने का एक बहुत ही सीधा तरीका है । यदि सोने के बाद पॉच मिनट मे नींद आ जाये तो समझना वह इंसान सुखी है । यदि पन्द्रह मिनट के बाद नींद आये को समझना थोड़ा दुखी है लेकिन आधा घंटे के बाद भी नींद न आने की वजह से करवट बदलता रहे तो समझना वह इंसान सुखी कम और दुखी ज्यादा है ।

आपकी आभारी विमला विल्सन

जय सच्चिदानंद 🙏🙏

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