नारी तेरे बिना अधूरी कहानी # जिंदगी की किताब (पन्ना # 394)

नारी तेरे बिना अधूरी कहानी …..हालाँकि आज मे स्रियो के अधिकारो को लेकर जागरूकता बढ़ रही है फिर भी अभी और सुधार लाने की जरूरत है । समाज की उन्नति के लिये नारी का सम्मान करना बहुत जरूरी है ,क्योंकि नारी पुरूष का आधा अंग कहलाती है । क्या यह संभव है कि किसी का…

नव वर्ष की शुभकामनायें # 61

आने वाला साल आप सबकी जिन्दगी मे ढेर सारी खुशियॉ लाये , सबकी ख़्वाहिशें पूरी हो , सब अच्छे कर्म मे व धर्म मे आगे बढ़े , दुखो का नाश हो , आनंद ही आनंद हो ….यही दिल से सबके लिये दुआये है 🙏🙏 मस्त रहो , व्यस्त रहो 🌹🌹🌹नयेसाल की ढेरों शुभकामनायें 🌹🌹🌹 आपकी…

Quote # 60

Have a nice say आपकी आभारी विमला विल्सन

Quote # 62

आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏

Quote # 59

बिना अपेक्षा वाले रिश्तो मे ताउम्र मधुरता रहती है ,क्योंकि एक दूसरे से अपेक्षाये अधिकतर रिश्ते को खराब करती है कोई वजह से अगर कोई व्यक्ति दूसरों की अपेक्षाये पूरी नही कर पाता ,तो भला वह अपने लिये कैसे सोच सकता है कि दूसरे उसकी अपेक्षा पूरी करने मे समर्थ होंगे । दूसरे की भी…

रिश्ते नाते # जिंदगी की किताब (पन्ना # 393)

जब हम फटे हुए दूध से रसगुल्ले बना सकते हैं, तो टूटे हुए रिश्तों को फिर से क्यों नहीं जोड सकते ।रूठे हुये को क्यों नही मना सकते ।पॉजिटिव सोच हो तो बंजर भूमि में भी फूल खिलाए जा सकते हैं। बिना इंतजार किये मोबाइल उठाये और सामने वाले से खुद आगे बढ़कर फोन करे…

आत्मशक्ति # जिंदगी की किताब (पन्ना # 392)

आत्म शक्ति …. यह शरीर आत्मा के सहारे ही टिका है ।शरीर मे जो कुछ भी होता है वह वह सब कुछ आत्मा की शक्ति के बदौलत होता है । ये सब कुछ चर्म चक्षुओ से नही बल्कि अपने भीतर गहराई से उतरने पर महसूस होगा । आत्मा तो अनंत शक्ति वाला है पर इस…

Quote # 58

मॉ बापू एक वादा करो तुम मुझे दहेज की पोटली के संग नही दुआ, ख़ुशियों की डोली के संग विदा करना आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏

जज़्बा और जुनून # जिंदगी की किताब (पन्ना # 391)

जज़्बा और जुनून …….. जिन्दगी केवल चुनौती है हम सब के लिये । जो इंसान इसको एक चुनौती के रूप मे लेगा, वह अपने जीवन का परिणाम निकाल ही लेगा ।जीवन मे कुछ भी करने के लिये बस जुनून व जज़्बा चाहिये ।चाहे हमारे पास कुछ हो या ना हो पर सबसे ज्यादा आत्मविश्वास के…

प्रेरणा # जिंदगी की किताब (पन्ना # 390)

दूसरों की निंदा मे लगकर समय क्यों गँवाते हो ? अपनो के अवगुणो को हर पल क्यों दोहराते हो ? सेवा और त्याग की भाषा तुम फिर क्यों भूल जाते हो ? असीम सुखों की चाहत मे क्यों स्वार्थी बन जाते हो ? मीठे बोल से ही यहॉ अपनत्व क्यों ना बढ़ाते हो ? अपनो…

चोरी # जिंदगी की किताब (पन्ना # 389)

चोरी ……जी हॉ चोरी का मतलब दूसरों के हको को छीनना , जिस पर स्वयं का वास्तविक रीति से अधिकार ही नही है ।उस पर मालिक की बिना इजाजत से अधिकार करने , उसे अपने काम मे लेने , और उसे लाभ उठाने को चोरी कहते है । आज के युग मे पैसो की खातिर…

Quote # 57

Good day to all divine souls … आपकी आभारी विमला विल्सन जय सच्चिदानंद 🙏🙏