क्रोध -जिंदगी की किताब (पन्ना # 349)

क्रोध को प्रेम मे बहावो तो इंसान बनोगे क्रोध को ध्यान मे बहावो तो महात्मा बनोगे क्रोध को करूणा मे बहावो तो महावीर बनोगे क्रोध को भक्ति मे बहाओ तो भगवान बनोगे आपकी आभारी विमलामेहता जय सच्चिदानंद 🙏🙏 Advertisements