दुआएँ – जिंदगी की किताब (पन्ना # 339)

सबको काटने की ताकत लोहे मे है

लोहे से ताक़तवर है आग ,जो उसे पिघला देती है

आग से ताकतवर है पानी ,जो उसे बुझा सकता है

पानी से ताकतवर है इंसान ,जो उसे पी जाता है

इंसान से ताक़तवर है मौत ,जो उसे खा जाती है

लेकिन मौत से भी ज्यादा ताक़तवर है दुआये ,जो मौत को टाल सकती है

आपकी आभारी विमला विल्सन

जय सच्चिदानंद 🙏🙏

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8 Comments Add yours

  1. Madhusudan says:

    waah ……waah……shabd rahit ….bilkul satya magar…..jabardast lekhan.

    Liked by 1 person

  2. rani jain says:

    बहुत खूब और सत्य लिखा है आपने

    Liked by 1 person

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