ताकत # जिंदगी की किताब (पन्ना # 335)

एक एक ईंट से मकान बन जाता है एक एक बूँद से सागर बन जाता है मित्रों इस मिलने की अजीब ताकत को तो देखो एक एक फूल के मिलने से गले का हार बन जाता है बंधुओं ना किसी को गम का संसार दो और ना किसी को धोखे से भरा प्यार दो अगर…