खुशी # जिंदगी की किताब (पन्ना # 329)

  हर रोज आती छोटी खुशियॉ की घड़ी  कल रात दरवाज़े पर दस्तक पड़ी  सामने खडी थी खुशियॉ बड़ी । मैने बहुत खुशी से बोला हर पल दिल से स्वागत है तुम्हारा । छोटी छोटी खुशियॉ से भी बहुत खुश हूँ । लेकिन जाओ उन सब के यहॉ, जहॉ मुझसे से भी ज्यादा जरूरत है…