जिंदगी ऐसे जीओ – जिंदगी की किताब (पन्ना # 322)

जिन्दगी जीना है तो खरबूजे की तरह जीओ ना कि ऑरेंज की तरह ……. एक  बार बाजार गये वहॉ से घर पर सबकी पसंद के हिसाब से काफी तरह के अलग अलग सब्जी व फल ख़रीद लाये । ऑरेंज व ख़रबूज़ा रखते समय दादीमाँ ने सहसा मुझसे पूछ लिया कि बताओ बेटा तुम्हे दोनो मे…