अभिमान – जिंदगी की किताब (पन्ना # 314)

एक व्यक्ति ईश्वर की बहुत भक्ति करता था । एक दिन वह अपने गुरू से बोला , गुरूजी मै पिछले तीस सालों से तन्मयाकार होकर प्रभु भक्ति कर रहा हूँ फिर भी मुझे ज्ञान नही हुआ ,क्यों ? गुरूजी बोले देखो पुत्र तीस साल क्या तीन सौ साल भी तुम भक्ति करोगे तो भी तुमसे…

कामयाबी – जिंदगी की किताब (पन्ना # 313)

जीवन मिलना ही उपलब्धि नही है  वरन जीवन मे मूल्यवान सफलताओ को  हासिल करना ही उपलब्धि है चाहे कितनी बार हो असफल  पर प्रयत्न करो बार बार असफलता से सफलता पाने मे  स्थिति सागर मंथन जैसी होगी पहले विष निकलेगा, फिर अमृत  और भी मंथन करने पर नवरत्न निकलेगा सोचो और चिंतन करो कि हर…

आदत – जिंदगी की किताब (पन्ना # 312)

इंसान कभी भी अपनी आदतों का ग़ुलाम नही बने । वह किस कदर दुखी कर सकती है , एक दृष्टांत के ज़रिये समझने की कोशिश करेंगे …. एक व्यक्ति रिटायर होने के बाद रोज किसी संत पुरूष के पास अच्छी ज्ञानवान बाते सुनने जाता । आते समय उसका चेहरा दुखी दिखता लेकिन वापसी मे वह…

लफ्ज #जिन्दगी #प्रोत्साहन

 1. ‪नीम की लकड़ी चंदन से कम नही  मेरा देश लंदन से कम नही 2.  भूख व पीड़ित को अनदेखा ना करो  मूर्खों को अनदेखा कर दिया  करो आपकी आभारी विमला मेहता जय सच्चिदानंद  🙏🙏

नारी के नाम एक संदेश – जिंदगी की किताब (पन्ना # 312)

नारी का सम्मान करना , साक्षात महालक्ष्मी का सम्मान है । एक तरफ लक्ष्मीजी के फॉटो का पूजन ,दूसरी और घर की साक्षात लक्ष्मी का अपमान – ये कौनसे धर्म का अहसास है   ? अगर हम सब साक्षात लक्ष्मी के सम्मान करने की शुरूआत करे तो  ऊपर वाली लक्ष्मी का स्वमेवं बरसना शुरू हो…

सोच -जिंदगी की किताब (पन्ना # 311)

किसी के बोलने मात्र से ही यदि हमारा अच्छा या बुरा होने लगे तो  ये संसार या तो पूरी तरह से स्वर्ग बन जायेगा या पूरी तरह से नर्क बन जायेगा  इसलिए कभी भी हमे इस बात पर ध्यान नही देना चाहिये कि लोग क्या कहेंगे क्योकि कुछ लोगो का काम है कहना  आपकी आभारी…

लब्ज # जागृति #सुविचार

1.  जिंदगी में कभी-कभी ऐसा वक्त आता है  जहां स्वयं व दूसरे से सारे  गिले शिकवे ख़त्म हो जाते है  और आ जाता है आनंद के साथ एक ठहराव । 2. ईश्वर ने हर इंसान को हीरा बनाया है  पर फर्क इतना है कि चमकता वही है जो,  तराशने की हद से गुज़रता है  3….

ज़माने की बात – जिंदगी की किताब (पन्ना # 310)

ज़माने की बात …. शहर -शहर मे पाषाण के घर है कच्चे घर अब रखता है कौन ? ठंडी हवाओ के लिये एयर कंडीशन है  रोशनदान अब कौन रखता है कौन ? अपने घर से निजात मिले तो गैरो की सुने , पराई दीवार पर कान अब रखता है कौन है ? खुद ही पंख…

सफलता – जिंदगी की किताब (पन्ना # 309)

Good day to all divine souls … जिंदगी मे कुछ कर गुज़रने के लिये  मौसम या समय का इंतजार नही चाहिये  बल्कि मन की रज़ामंदी चाहिये साधन सभी जुट जायेंगे  बस दृढ़ संकल्प का धन चाहिये । आपकी आभारी विमला विल्सन मेहता  जय सच्चिदानंद 🙏🙏

इंसानियत – जिंदगी की किताब (पन्ना # 308)

हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई – ये सब धर्म के विशेषण व व्यवस्थाये है । लेकिन ऐसे देखा जाये तो सभी इंसानो का एक ही धर्म है , वह है इंसानियत का धर्म । जैसे अग्नि का धर्म है जलना , पानी का प्यास बुझाना, फूल का खिलना, कॉटे का गड़ना …. जब हर एक वस्तु…

लफ्ज #जिन्दगी-

Good day to all divine souls … 1. अकेले है हम बूँद हैं, मिल जाएं तो सागर हैं अकेले है तो हम धागा हैं, मिल जाएं तो चादर हैं अकेले है तो हम कागज हैं, मिल जाए तो किताब हैं 2. संगत में शुद्ध विचार और पंगत में शुद्ध आहार ना मिले तो उसे छोड़…

ईर्ष्या – जिंदगी की किताब (पन्ना # 307)

ईर्ष्यालु व्यक्ति कभी भी दूसरो की उन्नति को सहन नही कर पाता है ,वह दूसरो को नुकसान पहुँचाने के चक्कर मे स्वयं को ज्यादा नुकसान पहुँचा देता है ।एक दृष्टांत द्वारा इसे समझा जा सकता है ….. एक सेठ जिसका नाम भोगीराज था । वह ईर्ष्यालु स्वभाव होने के साथ हमेशा अपने फायदे नुकसान के…