कुछ हट कर ….

कुछ घरेलू उपचार यदि पसंद आये तो जरूर अपनाना ….. पढने के लिये बहुत बहुत शुक्रिया 🙏🙏 आपकी आभारी विमला विल्सन मेहता  Advertisements

मनुष्य भव अत्यन्त दुर्लभ भव – जिंदगी की किताब (पन्ना # 19)

मनुष्य भव अत्यन्त दुर्लभ भव हैं क्योंकि भगवान की वाणी नर्क के जीव सुन नही सकते । तिर्यंच ( पशु पेड़ आदि ) वाले जीव समझ नही सकते । देवगति में पालन नही कर सकते ।केवल मनुष्य भव ही है जिसमे मानव प्रभु की वाणी को सुनकर समझकर आचरण भी कर सकते हैं। मनुष्य भव…