सुख- दुख — जिंदगी की किताब (पन्ना # 316)

सुख दुख सिक्के के दो पहलू है  बारी बारी से आते है और चले जाते है !! दिन डूब गया और अंधेरा छा गया  उषा मुस्कराई और उजाला आ गया किसी वक्त दिन तो किसी वक्त रात है  वैसे ही सुख दुख दोनो संग साथ है !!  पतझड़ ऋतु आई , शुष्क रहकर पेड ने…

नारी -# Quote

Sochnay Wali baat ? Nari agar shakti hn  toh usay abla kyu bola jata ? Aur agar woh abla hn  toh usay shakti kyu bola jata ? Aapki aabhari vimla wilson mehta