स्वयं को देखे – जिंदगी की किताब (पन्ना # 315)

सुखी रहना है तो स्वयं को देखे … इस बात को एक दृष्टांत से समझ सकते है ….

पुराने समय की बात है जब लोग पदयात्रा करते थे । उस समय दो व्यक्ति पदयात्रा कर थे । उनमें से एक ठग था और दूसरा सेठ ।दोनो एक ही रास्ते मे पर जा रहे थे । समय काटने के लिये दोनो एक साथ हो लिये । रास्ता लम्बा था । आपस मे तय कर लिया कि जब तक रास्ता अलग नही होता तब तक साथ ही रहेंगे । जब रास्ता अलग हुआ और दोनो अपने अपने रास्ते पर चलने की तैयारी करने लगे तब ठग सेठजी से बोला कि दिखने मे आप सेठजी लगते है लेकिन क्या आपने मुझे पहचाना कि मै एक नंबर का ठग हूँ ? पर अब मुझे लगता है कि मेरे से ज्यादा आप ठग है । सेठजी बोले कि ऐसा क्या हुऑ जो तुम अपने से ज्यादा मुझे ठग बता रहे हो । ठग बोला कि आपके पास एक बहुत क़ीमती हीरा है । उसको लेने की मैने बहुत कोशिश की लेकिन फिर भी मै उसे हासिल नही कर सका इसलिये आप मेरे से ज्यादा ठग निकले । 

सेठजी सबसे पहले आप यह बताइये कि आप हीरे को रखते कहॉ थे । सेठजी बोले कि देखो भाई मै ठग नही हूँ । मैने बस जरा सावधानी रखी । 

ठग बोला कि मैने आपकी सारी चीजे चेक की लेकिन कही पर भी हीरा नही मिला ।सेठजी ने सोचा अब दोनो अलग अलग रास्ते जा रहे है तो इसका रहस्य बता ही दूँ । 

वह बोले कि हम दोनो ने अपने बीच मे एक ही शर्त रखी थी कि एक बाहर जायेगा तो दूसरा सामान की सुरक्षा करेगा । जब तुम बाहर जाते तो मै मेरा हीरा तुम्हारी पोटली मे बाँध देता । मै बाहर जाता तो तुम मेरी पोटली को देखते , तुम्हे कुछ नही मिलता ।

ठीक इसी दृष्टांत की तरह हम सभी इंसान दो दुनिया (बाहरी , भीतरी ) मे जी रहे है पर देख रहे है एक दुनिया (बाहरी) को ।हमेशा हम दूसरो की कमियॉ ,दूसरो की आलोचना , दूसरो की समीक्षा , दूसरो को टटोलना , कभी कभी दूसरो की विशेषता देखना … आदि मे व्यस्त रहते है व काम चलाते है । लेकिन यह सब बाहर का व्यवहार है । 

जबकि आवश्यकता हमे अपने भीतर देखने की , स्वयं की समीक्षा करने की , टटोलने की । क्योकि मन , चेतना , इन्द्रियों की शक्ति ,भावधारा आदि सब हमारे भीतर है 

यदि हम सभी को सुखी रहना है , सुख को आमंत्रण देना है तो अपने आप को देखने की शुरूआत करे । दुखी रहना है ,दुख को बुलाना है तो दूसरो की गतिविधियों मे ही व्यस्त रहे । 

आपकी आभारी विमला विल्सन

लिखने मे गलती हो तो क्षमायाचना 🙏🙏

जय सच्चिदानंद 🙏🙏

picture taken from google 

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9 Comments Add yours

  1. Madhusudan says:

    उम्दा लेखन।बहुत बढ़िया कहानी,खूबसूरत सन्देश।

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    1. बहुत बहुत शुक्रिया आपको अच्छा लगा

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    1. Thanks! Aapko acchi lagi

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  2. The Intervals says:

    Gehrayi ki baatein kahe di aapne kaafi 😊

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    1. Vimla wilson says:

      सराहने के लिये शुक्रिया 😊

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  3. Waqt ho toh padhiyega kuch baatein meri bhi. ☺ achha lagega!!

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    1. Vimla wilson says:

      जरूर पढ़ूँगी

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  4. Shukriyah aapka 😊

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