स्वयं को देखे – जिंदगी की किताब (पन्ना # 315)

सुखी रहना है तो स्वयं को देखे … इस बात को एक दृष्टांत से समझ सकते है …. पुराने समय की बात है जब लोग पदयात्रा करते थे । उस समय दो व्यक्ति पदयात्रा कर थे । उनमें से एक ठग था और दूसरा सेठ ।दोनो एक ही रास्ते मे पर जा रहे थे ।…