आदत – जिंदगी की किताब (पन्ना # 312)

इंसान कभी भी अपनी आदतों का ग़ुलाम नही बने । वह किस कदर दुखी कर सकती है , एक दृष्टांत के ज़रिये समझने की कोशिश करेंगे …. एक व्यक्ति रिटायर होने के बाद रोज किसी संत पुरूष के पास अच्छी ज्ञानवान बाते सुनने जाता । आते समय उसका चेहरा दुखी दिखता लेकिन वापसी मे वह…