एक प्रसंग मीराबाई का – जिंदगी की किताब (पन्ना # 303)

picture taken from google 
मीराबाई कृष्णप्रेम की भक्ति में डूबी कोई पद गा रही थी , वहॉ मौजूद संगीतज्ञ मे से एक संगीतज्ञ को लगा कि वह सही राग में नहीं गा रही है । वह मीराबाई से बोले कि मीरा, तुम सही राग में क्यों नहीं गा रही हो ? मीरा ने मुस्कुराते हुये बहुत ही सुन्दर जवाब दिया कि देखो मैं राग मे नहीं बल्कि अपने कान्हा के अनुराग में गा रही हूँ । अगर मै राग में गाती हूँ तो दुनियां मुझे सुनेगी लेकिन अगर अनुराग से गाती हूँ तो मेरा कान्हा मुझे सुनेगा।मैं दुनियां को नही बल्कि अपने कान्हा को रिझाने के लिये गाती हूँ।

इसलिये किसी भी रिश्ते से जुडना हो तो दिल से जुड़ो ना कि दुनिया को दिखाने के लिये ।
क्योकि दिमाग से नही बल्कि दिल से बने रिश्ते जिंदगी भर चलते है ।
हमे जहॉ तक संभव हो वहॉ तक दिखावे की मानसिकता बचना चाहिये । आज नहीं तो कल जब हम किसी दिन इसी दुनिया मे अपनापन नहीं पायेगे तब ऊब जायेंगे , खीज उत्पन्न हो जायेगी या ऐसा महसूस होने लगेगा कि मेरे साथ धोखा हुआ है । वास्तविकता मे देखा जाये तो हम खुद के साथ खुद ही धोखा किए जा रहे थे। कुछ दिखने के लिए नाटक रचे जा रहे है । यदि यह नाटक समझ मे आने लगता है और पहचानकर सरल होने लगते है तो आत्मज्ञान घटित होने लगता है । 
आपकी आभारी विमला मेहता 

जय सच्चिदानंद 🙏🙏

Advertisements

5 Comments Add yours

  1. So true… aajkal sbhi chijo me dikhava hi chalata hai… hamari har ek kriti bhagvan ko samarprit honi chahiye.. Thanks for sharing Mira’ s story. She is inspiration to me 🤗

    Liked by 1 person

    1. आपके पसंद आई बहुत बहुत शुक्रिया

      Liked by 1 person

  2. Madhusudan says:

    बहुत बढ़िया भाव—-मैं तो वही करती हूँ जो उन्हें पसंद है—मुझे एक कि परवाहे है भला सबको अच्छी कैसे लगे।जिसे मैं सुना रही अगर वह सुन रहा है फिर मुझे और क्या चाहिए।उम्दा।

    Liked by 1 person

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s