ईश्वर को ना बॉटो – जिंदगी की किताब (पन्ना # 304)

ईश्वर को ना बॉटो भगवान कहॉ है ? जानने के खातिर  मंदिर, मस्जिद, गुरूद्वारे,गिरजाघर और ना जाने कहॉ कहॉ भटका जहॉ गया सबको कहते सुना कि  भगवान कण कण मे है  भगवान रग रग मे है । लेकिन सभी को देखकर  मन को कैसे समझाऊँ ? जो लोग स्वयं मंदिर, मस्जिद,  गुरूद्वारे,गिरिजाघर मे  खुदा के…

एक प्रसंग मीराबाई का – जिंदगी की किताब (पन्ना # 303)

 picture taken from google  मीराबाई कृष्णप्रेम की भक्ति में डूबी कोई पद गा रही थी , वहॉ मौजूद संगीतज्ञ मे से एक संगीतज्ञ को लगा कि वह सही राग में नहीं गा रही है । वह मीराबाई से बोले कि मीरा, तुम सही राग में क्यों नहीं गा रही हो ? मीरा ने मुस्कुराते…