सुंदरता क्या है ,कुछ पंक्तियाँ – जिंदगी की किताब (पन्ना # 302)

सुधाकर वो नही जो दिवाकर की रोशनी से चमकता है 

बल्कि वो ऐसा तारक है जिससे रोशनी का दरिया निकलता है 

फूल महज़ एक फूल नही जो मंदिर मे चढ़ता है 

बल्कि वो ऐसी ख़ुशबू है जिससे पूरा जगत महकता है 

साथी सिर्फ सहारा नही जिसे पाकर दिल संभलता है 

बल्कि वो परछाई है जो जिगर मे रहता है 

धर्म कोई नियम नही जिसे निभाना पड़ता है 

बल्कि वो इबादत है जिससे रब मिलता है 

अच्छे ख़्वाब वो नही जो नैन खुलने से बिखरते है 

बल्कि वो सोच है जिनके ख़्यालों से जिन्दगी चलती है ।

प्यार वो नही जो किताबी शब्दो से दर्शाया जाता है 

बल्कि प्यार वो खुमारी है , जिससे दिल धड़कता है

आपकी आभारी विमला मेहता

जय सच्चिदानंद 🙏🙏

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16 Comments Add yours

  1. Sunil@BeingHuman says:

    Bahut Khoob ma’am ☝👌👌👏🙌🙏

    Liked by 2 people

  2. Ashusudha says:

    Very nice….

    बहुत गहराई,

    जज़बातों से भरी रचना…. 👌👌

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      1. Ashusudha says:

        Welcome

        Liked by 1 person

  3. Ashusudha says:

    सुधाकर वो नहीं जो
    दिवाकर की रोशनी से चमकता है
    बल्कि वो तारक है,
    जिससे रोशनी का दरिया निकलता है…

    Great deep words u hv used here… 👍👍

    Liked by 1 person

  4. Ashusudha says:

    जी,
    है ही इतनी सुन्दर रचना कि हर किसी को अच्छी लगेगी…

    Liked by 1 person

      1. Ashusudha says:

        🙏🙏

        Liked by 1 person

  5. Ashusudha says:

    Actually the words u use , r awesome
    So heart touching….
    That’s why…

    Liked by 1 person

      1. Ashusudha says:

        🙏

        Liked by 1 person

  6. Madhusudan says:

    Waah …laajwab likhaa hai ….ham kya taarif karen….umda lekhan👌👌👌

    Liked by 1 person

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