सुंदरता क्या है ,कुछ पंक्तियाँ – जिंदगी की किताब (पन्ना # 302)

सुधाकर वो नही जो दिवाकर की रोशनी से चमकता है  बल्कि वो ऐसा तारक है जिससे रोशनी का दरिया निकलता है  फूल महज़ एक फूल नही जो मंदिर मे चढ़ता है  बल्कि वो ऐसी ख़ुशबू है जिससे पूरा जगत महकता है  साथी सिर्फ सहारा नही जिसे पाकर दिल संभलता है  बल्कि वो परछाई है जो…