लफ़्ज़ # सुख दुख

कई बार इस ह्रदय मे आते है सुविचार  पर  स्थिरता पाए बिना हो कैसे उद्धार ! दुख दुख है जब आता है सहन किया ही जाता है  मानव जीवन मे धूप छॉव सा सुख दुख का चिर नाता है ! आपकी आभारी विमला मेहता जय सच्चिदानंद 🙏🙏 Advertisements

आस्था(राम नाम की महिमा) – जिंदगी की किताब (पन्ना # 301)

राजस्थान मे कहावत है ” इणरो राम निकल गयो ” इसका अर्थ यह विवेक शून्य है । राम  को विवेक से भी जोड़ा जाता है  रामायण मे एक प्रसंग है कि सीता माता ने एक हीरो का हार हनुमान जी के दिया । हनुमान जी ने वह हार तोड़ दाया और उसमे से कुछ ढूँढने…