प्रभु के साथ – जिंदगी की किताब (पन्ना # 300)

संत ख़ैयाम अपने शिष्य के साथ वन मे जा रहे थे । नमाज़ का समय होने पर दोनो ने चादर बिछाई व नमाज़ पढ़ना प्रारम्भ किया इतने मे ही तेज़ आवाज़ के साथ गर्जना करते हुये एक शेर दिखाई दिया । इसे देखकर शिष्य डर कर पेड के ऊपर चढ़ गया लेकिन संत अपनी नमाज़…