काल चक्र (भाग पॉच ) — जिंदगी की किताब (पन्ना # 286)

5. पंचम आरा ….  दुषमा काल  शास्त्रों के अनुसार छ: आरे होते है । चार आरों के बारे मे आपको जानकारी मिल चुकी है । चौथे आरे की समाप्ति पर 21,000 वर्ष की अवधि वाला पॉचवां दुख वाला आरा आरम्भ होता है । अभी कलयुग मे पॉचवां आरा चल रहा है । पाँचवे आरे मे…

अहंकार – जिंदगी की किताब (पन्ना # 289)

Good day to all divine souls … मात्र ईश्वर एक ऐसा अद्भुत कलाकार है  जिसने पूरे विश्व के हर मानव को  अलग अलग रूप से गढ़ा है  लेकिन फिर भी अहंकार नही किया है । तो फिर हम मनुष्यों को किस बात का अहंकार ? यदि हम अहंकार शून्य कर दे तो  ईश्वरीय कृपा अपने…