वक्त – जिंदगी की किताब (पन्ना # 288)

Good day to all divine souls … “एच एम टी “ने “रोलेक्स” को कहा कि  यार तुम भी वक्त बताते हो और  मै भी वक्त बताता हूँ लेकिन  फिर भी तुम्हारी इज्जत ज्यादा क्यों ? रोलेक्स हँसकर बोला ..यार फर्क इतना है कि तुम “इंसान को वक्त “बताते हो और मै “इंसान का वक्त “बताता…

काल चक्र (भाग तीन) — जिंदगी की किताब (पन्ना #284)

आपको पिछले लेख मे पहले आरे की जानकारी से अवगत करवाया । अब दूसरे व तीसरे आरे के बारे मे आपको बताते है  2.  दूसरा आरा –  सुषमा काल ….. शास्त्रों के अनुसार छ: आरे होते है । पहले आरा के बारे मे आपको जानकारी मिल चुकी है । इस आरे की स्थिती भी प्राय…