काल चक्र (भाग दो) — जिंदगी की किताब (पन्ना # 283)

पिछले लेख मे आपको कालचक्र की थोड़ी जानकारी दी ।आगे की जानकारी … सुख और दुख दो अवस्थाये है । यह अवस्थाये निरंतर रूप से चलती है । इसे हम काल चक्र की संज्ञा भी दे सकते है । काल को दो भागो मे बॉटा गया है …. 1. व्यवहार काल 2. निश्चय काल व्यवहार…

कालचक्र भाग (एक) -जिंदगी की किताब (पन्ना # 282)

शास्त्र के अनुसार कालचक्र का विवरण …. शास्त्रों के अनुसार छ: आरे होते  है । अभी कलयुग मे पाँचवा आरा चल रहा है । 21000 हजार वर्ष का एक आरा होता है । अभी पाँचवा आरे मे 2026(विक्रम संवत)वर्ष पूरें हो चुके है । अब 18974 वर्ष बचें है । इस पंचम आरें को कलयुग…

भूख – जिंदगी की किताब (पन्ना # 281)

Good day to all divine souls … भूख क्या होती है  किसी भूखे इंसान के पास जाकर पूछो  जिसके सामने दुनिया की हजारो ख़ुशबू  सिकी हुई रोटी की ख़ुशबू के सामने फीकी है  इसलिये जितना जरूरी हो उतना ही थाली मे ले और रोज भरपेट भोजन मिलने के लिये  ईश्वर को धन्यवाद देना ना भूले…