लफ़्ज़ – 4,5,6

1. मुस्करा कर जिनको गम का घूँट पीना आ गया 

यह हकीकत है ,जहां मे उनको जीना आ गया 

2.होठो पर मुस्कान है तो इंसान तुमसे दूर नही 

पंखों मे जान है तो आसमां तुमसे दूर नही 

श्रद्धा मे यदि जान है तो ईश्वर तुमसे दूर नही

3. झुकता है वही आदमी जिसमें कि जान है 

लक्कड़ की तरह अकड़ना मुर्दे की शान है

  • आपकी आभारी विमला मेहता 
  • जय सच्चिदानंद 🙏🙏
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11 Comments Add yours

  1. सच को बहुत खूबसूरती से लिखा है। 👌👏💐

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  2. जय सच्चिदानंद

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    1. जय सच्चिदानंद 🙏🙏
      सुप्रभात

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  3. Madhusudan says:

    pratyek panki apne aap men lajwaab…..utkrist lekhan.

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  4. Raj says:

    बहुत बढ़िया

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  5. बहुत सटीक

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    1. बहुत बहुत धन्यवाद स्नेहलता जी 😊

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