माहौल या वातावरण का प्रभाव …जिंदगी की किताब (पन्ना # 6)

माहौल या वातावरण का प्रभाव …
आज के वेज्ञानिक युग में जिंदगी भागदौड़ वाली होती जा रही हैं ।किसी को भी दूसरे के लिये समय नही ।सभी एक ही भेड़ चाल से भागे जा रहे हैं । रिश्ते नातों मे तो ऐसा लगता है कि जब तक मेरा काम है तब तक तुझको सलाम हैं वाली बात चरित्रात हो रही हैं ।सब दिखावे मे रिश्ता निभा रहे है ,अपनत्व वाली बात ही नही रही ।

पाश्चात्य देशों की संस्कृति का बोलबाला बढ़ता जा रहा हैं । व्यक्ति जिसके साथ ज्यादा उठता बैठता हो या जिसको पसंद करता हो तो वो उसकी धीरे धीरे आदतें अपनाने लगता हैं चाहे वह अच्छी हो या बुरी आदत । उसी आदत के अनुसार घर परिवार का माहौल बनने लगता हैं ।इंसान जैसे माहौल मे रहता हैं यदि उसके विपरीत माहौल मिलता हैं तो वह उस माहौल को एडजस्ट नही कर पाता हैं और उसी हिसाब से उसकी प्रतिक्रिया आने लगती हैं।उदाहरण के लिये यदि धार्मिक या आध्यात्मिक व्यक्ति को रंगीन जिंदगी की दुनिया मे ले जाना चाहे तो वहॉ ये व्यक्ति एकदम उदासीन ,बुझे बुझे लगेंगे ,इनको इस माहौल मे बिल्कुल रस नही आयेगा ।इसके विपरीत रंगीन मिजाजी व्यक्ति जो शराब ,पर स्त्री ,जुऑ या ऐसे बोल सकते हैं कि बुरी आदतों का शौक़ीन हो तो वह धार्मिक या आध्यात्मिक जगह पर जाकर बीमार हो जायेगा ।

माहौल या वातावरण के नाम पर एक कहानी याद आती हैं जो बचपन से सुनती आ रही हूँ वो इस प्रकार हैं ।

एक समय की बात हैं एक नगर का राजा जो अलग अलग किस्म के जानवर पालने का शोकीन था ।उसके मन में पता नही एक दिन सूअर पालने का शौक हुआ और उसने एक सूअर पाला भी । राजा उसका पूरा ध्यान रखता । उसकी सारी देखरेख एक शाही अंदाज में होती ।

 इस राजसी सूअर को प्रति दिन अच्छे से नहला कर इत्र लगाया जाता और मखमल के गद्दी पर बैठा दिया जाता ।प्रति दिन यही राजसी सुअर के साथ किया जाता ।धीरे धीरे दिन गुज़रते गये । इतना ध्यान रखते हुये भी एक महीने में ही सूअर एकदम से बीमार हो गया चलने में दिक्कत होने लगी ।आखिरकार राजा ने पूरे राज्य में यह खबर भेजवाई की,जो भी मेरे सूअर को ठीक करेगा उसे आधा राज्य सौप दिया जाएगा काफी लोगो ने सुअर को ठीक करने की कोशिश की लेकिन कामयाब नही हुये ।दिन पर दिन बीतते गये ,राजा की चिंता बढ़ने लगी ।फिर कुछ दिन के बाद एक व्यक्ति जो सूअर पालन का कार्य करता था वो राज्य दरबार में पहुचॉ और राजा से कहा की राज्य दरबार में एक गड्ढा खुदवाया जाये ।राजा ने दरबार के बीच गड्ढा खुदवाया ।फिर उस सूअर पालने वाले ने राजा से कहा की इस गड्ढे में कीचड और राज्य की पूरी गंदगी डाली जाये ।

सभी राज दरबारियों ने कहा की ये गलत है ,पर राजा भी क्या करता उसकी इच्छा थी कि सूअर कैसे भी कर के ठीक हो जाए।सो राजा ने आदेश किया की राज्य की गन्दगी और कीचड उस राज्य दरबार के गड्ढे में भरा जाए।फिर क्या था राजा के आदेशानुसार कीचड़ और पूरे राज्य की गंदगी उस गड्ढे में भर दिया गया । थोड़ी ही देर में पूरे दरबार के भीतर उस कीचड की दुर्गन्ध फ़ैल गयी।जैसे ही दुर्गन्ध सूअर को मिली वो खड़ा हो गया और कीचड़ की तरफ देख कर दौड़ा फिर उस कीचड़ में जा कर लोट-पोट होने लगा।धीरे धीरे सूअर की हालत में सुधार होने लगा ।और जल्द ही ठीक हे गया ।

इस कहानी को बताने का मतलब यह हैं कि जिन लोगो की आदत जिस माहौल में पड़ जाती हैं वह उससे बाहर निकलना ही नही चाहते पूरी जिंदगी उसी में ख़र्च कर देता हैं चाहे वह उसके हित में न भी हो 

हर क्षैत्र का माहौल अलग अलग प्रकार से होता है ।

एक सुंदर कविता –  (राजस्थानी मिक्स)

थे रिश्वत देणीं बंद करो,लेवणियां भूखां मर जासी

थे घास नांखणीं बंद करसो,सरकारी सांड सुधर जासी

खुदरो घरो रो करो सुधारो ऑखो गांव सुधर जासी

थे भाव देवणां बंद करो,घणा रा भाव उतर जासी

दूजां मे खामियॉ ना ढूँढो ,खामियॉ खुद में ही मिल जासी

थे खुद चोखा बनो जासी ,पाडोसी चोखा मिल जासी

थे कालो धन लेवणों बंद करसी ,दो नंबर री पूंजी घट जासी

ईमान धरम पर चालणो शुरू कर जासी ,तो पाप फटाफट कट जासी

बेटी री कदर करनो सीख जासी ,जने झांसी री रानी ,पन्ना,मीरां और पदमनिया ,सीतां ,सावित्री आ जासी

आजादी रो मतलब समझासी ,भारत रो रूप बदल जासी

थे एक होवने रेवोला,तो लडाई टंटा मिट जासी

मेहनत री रोटी खावोला , तो बेईमानी जड़ सू घट जासी

झूठो वादो में मती फँसियो ,वादो री हवा निकल जासी

थे नेक धरम पर चालोला, तो जिंदगी रो रंग बदल जासी

मेहनत,हक़ रो मोती बोयां , तो धरती रो रंग बदल जासी

धर्म री इज्जत कर जासी , तो गीतां री राग बदल जासी

सब बंदा आलस छोड़ो तो, भारत रो नक्शो बदल जासी

आपकी आभारी विमला मेहता

लिखने में गलती हो तो क्षमाप्राथी 🙏🙏

जय सच्चिदानंद 🙏🙏

 

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11 Comments Add yours

  1. Raj says:

    मुझे आपकी रचना बहुत अच्छी लगी,

    Agar aap bhi mere blog pe padharte to achha rahta
    http://rozaana.wordpress.com/
    @
    yaa
    @rozaana
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    Liked by 2 people

    1. धन्यवाद आपको लेख अच्छा लगा

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  2. Madhusudan says:

    बहुत ही सुंदर कहानी द्वारा सन्देश देते हुए साथ ही लाजवाब कविता।

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  3. बहुत ही खूबसूरत रचना है आपकी।

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  4. बेहद सुनदर और सारगर्भित रचना ।।

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  5. Sanjay verma says:

    hame apke vichar aur kavita dono bahut pasand aye

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    1. पसंद करने के लिये आपका बहुत बहुत आभार 🙏🙏

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