माहौल या वातावरण का प्रभाव …जिंदगी की किताब (पन्ना # 6)

माहौल या वातावरण का प्रभाव … आज के वेज्ञानिक युग में जिंदगी भागदौड़ वाली होती जा रही हैं ।किसी को भी दूसरे के लिये समय नही ।सभी एक ही भेड़ चाल से भागे जा रहे हैं । रिश्ते नातों मे तो ऐसा लगता है कि जब तक मेरा काम है तब तक तुझको सलाम हैं…

लक्ष्य – जिंदगी की किताब (पन्ना # 276)

लक्ष्य ….. एक गुरू अपने शिष्यो को किताबी ज्ञान की बजाय अनुभवी ज्ञान देने मे ज्यादा विश्वास करते थे । एक दिन वह शिष्यों सहित एक खेत मे पहुँचे । उस खेत का मालिक अपने खेत मे पानी निकलवाने के लिये सौ सौ फ़ुट के पॉच गड्ढो की खुदवाई करवा चुका था । किंतु पानी…