मुस्कान- (Quotes -2)

आप सबको दशहरा की बहुत बहुत मुबारकबाद …. Happy dashera to all dear bloggers picture taken from google  आपकी आभारी विमला मेहता  Advertisements

सुंदरता क्या है ,कुछ पंक्तियाँ – जिंदगी की किताब (पन्ना # 302)

सुधाकर वो नही जो दिवाकर की रोशनी से चमकता है  बल्कि वो ऐसा तारक है जिससे रोशनी का दरिया निकलता है  फूल महज़ एक फूल नही जो मंदिर मे चढ़ता है  बल्कि वो ऐसी ख़ुशबू है जिससे पूरा जगत महकता है  साथी सिर्फ सहारा नही जिसे पाकर दिल संभलता है  बल्कि वो परछाई है जो…

लफ़्ज़ – (18,19,20)

ये कैसी संतान …? 1. जिस संतान को मॉ बाप 🤦🏼‍♂️👧 ने उठना, बैठना , रहना सिखाया और  उसी संतान ने बुढापे मे ज़रूरतमंद कमजोर मॉ बाप को घर 🏠से बाहर निकलवाया । 2. मॉ बाप कोई वस्तु 🏀🏀नही जिसकी कोई डील करे  अरे वो जीता जागता इंसान 🤦🏼‍♂️👧है जिसे खुशी खुशी 😊😊फिल करे 👏🏻👏🏻…

लफ़्ज़ – 16,17

कई बार इस ह्रदय मे आते है सुविचार  पर  स्थिरता पाए बिना हो कैसे उद्धार ! दुख दुख है जब आता है सहन किया ही जाता है  मानव जीवन मे धूप छॉव सा सुख दुख का चिर नाता है ! आपकी आभारी विमला मेहता जय सच्चिदानंद 🙏🙏

आस्था(राम नाम की महिमा) – जिंदगी की किताब (पन्ना # 301)

राजस्थान मे कहावत है ” इणरो राम निकल गयो ” इसका अर्थ यह विवेक शून्य है । राम  को विवेक से भी जोड़ा जाता है  रामायण मे एक प्रसंग है कि सीता माता ने एक हीरो का हार हनुमान जी के दिया । हनुमान जी ने वह हार तोड़ दाया और उसमे से कुछ ढूँढने…

प्रभु के साथ – जिंदगी की किताब (पन्ना # 300)

संत ख़ैयाम अपने शिष्य के साथ वन मे जा रहे थे । नमाज़ का समय होने पर दोनो ने चादर बिछाई व नमाज़ पढ़ना प्रारम्भ किया इतने मे ही तेज़ आवाज़ के साथ गर्जना करते हुये एक शेर दिखाई दिया । इसे देखकर शिष्य डर कर पेड के ऊपर चढ़ गया लेकिन संत अपनी नमाज़…

लफ्ज – (13,14,15)

1. किसी ने पूछा तेरा कारोबार कितना है  किसी मे पूछा तेरा परिवार कितना है  कोई विरला ही पूछता है , तेरा गुरू से प्यार कितना है !! 2.  कश्तियाँ बदलने की जरूरत नही  हर तूफ़ान को पार कर जायेगी दिशा बदलते ही गुरू कृपा मिल जायेंगी !!  3. न तक़दीर से शिकायत कर ,…

नाम – जिंदगी की किताब (पन्ना # 298)

मैने रद्दी काग़ज़ों के रूप मे  सड़कों पर उड़ते अनेक नाम देखे है  जो मरने से पहले  नाम की चाह मे  जीवन भर मरते रहे  जिनमें ठेले वाले चना मूँगफली भरते रहे है । आपकी आभारी विमला मेहता  जय सच्चिदानंद 🙏🙏

हिंदी – जिंदगी की किताब (पन्ना # 296)

 Good day to all divine souls … चाहे हमे गँवार समझो , चाहे हमे पिछड़ा समझो  जो भी समझना है वो समझो  लेकिन हमने भी तय कर लिया  हम तो हिंदी ही लिखेंगे !! आपकी आभारी विमला मेहता  जय सच्चिदानंद 🙏🙏

विवाह करने का कारण -जिंदगी की किताब (पन्ना # 295)

आज विवाह के बारे मे कुछ कहना चाहूँगी ।  विवाह ऐसा बंधन है जिसे सभी खुशी से स्वीकारते है । विवाह के नाम से मन मे कुछ कुछ हलचल होने लगती है । यह अलग बात है कि शादी के बाद किसी को कितनी खुशी या दुख मिलता है ? इस लेख मे शादी के…