क्लेश – जिंदगी की किताब (पन्ना # 269)

जहॉ क्लेश नही वहॉ यथार्थ जैन, यथार्थ वैष्णव, यथार्थ शैव और अन्य …. यानि सभी धर्म है । जहॉ धर्म की यथार्थता है , वहॉ क्लेश नही होता ।  यदि घर घर क्लेश है तो धर्म कहॉ गया ? धर्म से हमने क्या सीखा ? क्या करने से परिवार मे क्लेश नही हो ,इतना भी…

जिन्दगी के सातों रंग – जिंदगी की किताब (पन्ना # 268)

Good day to all divine souls … पानी के बुलबुले पर  जब सूरज की किरणें पड़ती है तो  इन्द्रधनुष के सातों रंग दिखते है  जिंदगी के बुलबुले मे  जब पानी की तरह  उम्र की रवानी होती है  तब जिन्दगी के सातों रंग दिखते है  और साथ मे  एहसासों के सूरज की जवानी होती है ।…