गर्भपात – बेटी बचाओ (भाग-2) …जिंदगी की किताब (पन्ना # 244)

पिछले लेख में गर्भपात का जिक्र किया था । आज और भी इस बारे मे बात करेंगे । 

पिछले लेख मे स्त्री डॉ के समझाने पर गर्भपात नही करवाने का निर्णय लेती है व डॉ को धन्यवाद देती है । उस स्त्री को यह महसूस होने लगता है जैसे उसकी गर्भ मे बेटी उससे पूछ रही कि हे मॉ ! क्या तुम अपने बच्ची को पेट की काल कोठरी मे ही खत्म करने के लिये तैयार हो गई थी ? जिस बच्चे की तनिक चोट पर तुम दुखी हो जाती हो आज उसी का प्राण लेने जा रही हो । तुम्हे जरा भी दया नही आई ।  ऐसा सुनकर वह मॉ सिहर उठती है । 

तभी डॉ उसको एक पुस्तक निकालकर कैसे गर्भपात होता है उसके विषय मे समझाती है जो इस प्रकार है ….

गर्भधारण का पहला सप्ताह- पहले सप्ताह मे ही नया जीव उत्पन्न होकर पलने लगता है ।
द्वितीय सप्ताह- इसमें माता द्वारा ग्रहण किये गये भोजन से नये जीव का पालन पोषण होता है 
तीसरा सप्ताह-ऑंख ,रीढ़ ,मस्तक,फेफड़े ,पेट , जिगर व गुदा बनने लगते है । दिल की धड़कन आरम्भ हो जाती है ।
चौथा सप्ताह-सिर , रीढ़ की हड्डियाँ बन जाती है । सुषुम्ना ( इड़ा और पिंगला नाड़ियों के बीच में स्थित एक नाड़ी) बन जाती है । हाथ पाव आकार लेने लगते है ।
पॉचवा सप्ताह – छाती व पेट भी आकार ले लेता है । ऑंखें के साथ कान , हाथ -पॉव की अंगुलियॉ तैयार होने लगती है ।
छठॉ व सातवॉ सप्ताह – बच्चे के सभी अंग बन जाते है । पूरा मस्तक,मुँह व जीभ भी तैयार हो जाती है 
आठवॉ सप्ताह – बच्चे के हाथ पॉव सभी अंगुलियॉ पूरी तरह विकसित हो जाती है । अंगूठे की छाप अस्सी साल के उम्र की तरह हो जाती है ।
ग्यारहवॉ व बारहवाँ सप्ताह – पूरा शरीर का ढॉचा तैयार हो जाता है । स्नायु (नाड़ी ) व मांस पेशियों की रचना ठीक से हो जाती है । हाथ पॉव हरकत करने लगते है । अंगुलियों के नाखून निकलना शुरू हो जाते है । बच्चे का वज़न लगभग एक औंस का हो जाता है 
तीन माह – तीन महीने की अवधि मे पेट मे बढ़ रहे बच्चे का सम्पूर्ण गठन हो जाता है ।बस अब उसका विकास होने की देरी होती है ।
लेकिन तभी मॉ बाप किसी डॉ से सोनोग्राफी करा कर लडका या लडकी की जॉच करवा लेते है और लडकी होने की दशा मे डॉ से विचार विमर्श करके गर्भपात की तैयारी कर लेते है । 
गर्भपात समाज का सबसे बड़ा दूषण है ,भयंकर हिंसा है और हमारी आदर्श संस्कृति पर लगा काला धब्बा है ।यह पंचेन्द्रिय मानव हिंसा के साथ असह्य दुख ,वेदना व कष्टों की खान है । भ्रूण को अपरम्पार वेदना सहनी पड़ती है ।यदि मानव ऐसा करता है को क्या वह मानव कहलाने का अधिकारी है ।

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अब आपको ये बताते है कि गर्भपात कैसे किया जाता है ।

चार तरीक़ों से किया जाता है 

डी.एन.सी ऑपरेशन का पहला उपाय – इसमें गर्भस्थ बालक के टुकड़े करके बाहर निकाला जाता है ।

डॉ साधनों का उपयोग करके गर्भवती स्त्री के गर्भाशय का मुख चौड़ा कर दिया जाता है व औज़ार डालकर टुकड़े करके बाहर निकाला जाता है । 
दूसरा तरीका – शोषण पद्धति 

इसमें सेक्शन पंप के माध्यम से बच्चे को बाहर खिंचा जाता है ।उसके टुकड़े टुकड़े हो जाते है ।
तीसरा उपाय – हिस्टरोटॉमी(छोटा ऑपरेशन) – इसमें पेट चीरकर बच्चे को बाहर निकाला जाता है ।
चौथा उपाय – नमक के क्षारयुक्त इंजेक्शन के माध्यम से बच्चे मारा जाता है ।

इन सभी को बहुत ही संक्षेप मे बताया है ।

जब तेरह सप्ताह के गर्भ के बच्चे का गर्भपात किया जाता है तब वह अपने प्राण बचाने हेतु लगातार हाथ पॉव पछाड़कर बचने की कोशिश करता है ।

माता के गर्भाधान के समय ही जीव की उत्पत्ति हो जाती है जबकि कई लोग इस बात का तर्क देते है कि अभी तो यह महज़ मांसपिण्ड है ,शुरू शुरू मे जीव की उत्पत्ति नही होती है । लेकिन सच्चाई ये है कि यदि जीव नही होता को विकास कैसे संभव है ? अरे बीज के बिना कही वृक्ष होता है । बहनों को यही कहूँगी कि यदि तुम्हारी मॉ ने तुम्हारी तरह गर्भपात करवा लिया होता तो क्या तुम्हारा जन्म होता और संसार को देख पाती ? लेकिन हमारी संस्कृति अहिंसक है 

अब भी समय है जागो और ऐसे अमानवीय कृत्यों को रोकने के लिये पुरुषार्थ करो । वरना पतन के लिये तैयार हो जाओ ।

अब समझ गये हो कि गर्भपात कराना मतलब पंचेन्द्रिय मानव की हत्या करना है । यह अपने आप मे भयंकर ख़ून है ना कि सामान्य ऑपरेशन । 

गर्भपात यानि नन्ही बेबी का खून

गर्भपात यानि सदाचार का नाश

गर्भपात यानि नारीत्व का खून

गर्भपात यानि मानवता का खून

गर्भपात यानि व्यभिचार की वृद्धि

आपकी आभारी विमला मेहता

लिखने मे गलती हे तो क्षमायाचना🙏🙏

जय सच्चिदानंद 🙏🙏

Featured  image taken by google 

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4 Comments Add yours

  1. Madhusudan says:

    बहुत ही दर्द भरा बिषय और उतना ही उम्दा तरीके से प्रस्तुत कर समाज को आईना दिखाती आपकी ये लेख—बेहतरीन।

    Liked by 1 person

  2. शिखा says:

    मन विचलित हो गया, आपका लेख सबको पढ़ना चाहिए।

    Liked by 1 person

    1. धन्यवाद आपने इसे पढ़कर समझा

      Liked by 1 person

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