आजादी पर पैगाम-जिंदगी की किताब (पन्ना # 240)

15 अगस्त 1947 को हमारा देश आज़ाद हुआ उसी के सन्दर्भ मे एक कविता … 🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳 हम सबको ग़ुलामी से आजादी ,इतनी आसानी से नही मिली थी  उसमे शहीदों की क़ुर्बानी थी , तो एकता की भी कहानी थी । ग़ुलामी से आजादी तो मिल गई पर आज भी चारों और  अनाचारी,दुराचारी,भ्रष्टाचारी,ग़द्दारी, शैतानो की कहानी…