हैपी जन्माष्टमी – सुंदर पैग़ाम के साथ -जिंदगी की किताब (पन्ना # 239)

​​ जन्माष्टमी का पर्व आया, तन मन को महकाया !! एक वर्ष से आये हो तुम ,हर्षोल्लास को लाये हो !! हर्ष , खुशी है सबके मन मे ,आओ पधारो मेरे मन मन्दिर !! खुशी से पर्व मनाते हुये , करे कन्हैया के गुणों का बखान अपनाये उनके गुणों की खान , हो जाये इस…

 गुस्सा – जिंदगी की किताब (पन्ना # 238)

Good day to all divine souls … क्रोध एक ऐसी ज्वाला हैं जो स्वर्ग जैसे घर को भी नरक बनाने की ताकत रखती हैं और हमारे सुन्दर वर्तमान को छीनकर भविष्य को बर्बाद कर देती हैं। गुस्से में व्यक्ति की बुद्धि भ्रष्ट जाती हैं व कोई भी कड़वी व चुभती बात बोल देता, जिसके चलते…