अनोखा संसार – जिंदगी की किताब (पन्ना # 236)

अनोखा संसार …… चलो ले चलता हूँ ,ऐसा अनोखा संसार जहॉ जाना चाहेगा हर कोई इंसान  वहॉ जाने का हर एक है अधिकारी  चाहे नर हो या नारी ना धूप है ,ना छॉव है   दिव्य रोशनी का गॉव है  यह कैसा संसार है । ना खुशी है ,ना ग़म है  ना उमंगता है ,ना…