दोस्ती – जिंदगी की किताब (पन्ना #230)

फूलो से कर लोगे दोस्ती                तो महकते चले जाओगे मदिरा से कर लोगे दोस्ती                तो बहकते चले जाओगे सूरज से कर लोगे दोस्ती               तो उष्णता पाते जाओगे चाँद से कर लोगे दोस्ती    …

 फर्क – जिंदगी की किताब (पन्ना # 229)

मयखाने मे हाथ मे जाम लेकर भी सच्चे किस्से सुने जाते है  फैसले की दुनियॉ मे हाथ मे गीता क़ुरान लेकर भी झूठे किस्से सुने जाते है  जय सच्चिदानंद 🙏🙏

रक्षाबंधन की सबको बँधाई-जिंदगी की किताब (पन्ना # 228)

राखी आई राखी आई बहन भाई का प्यार लाई  ख़ुशियों की सौगात लाई देख भाई बहन का प्यार     अश्रु बूँद की झलक आई दिलो मे मुस्कान लाई सभी दूरियो को भुलाकर रूखे मन को सरोबार कर  नहला दे बहन भाई का प्यार तृप्त ह्रदय सरस प्रेम से  सहला दे बंधन का तार राखी का…

अहंकार – जिंदगी की किताब (पन्ना #   227)

Good day to all divine souls … इगो करने से हम फूल तो सकते हैं, पर फैल नहीं सकते। अहंकारी का हाल तो उस फुटबाल की तरह होता है जिसमें हवा भर जाने पर वह लोगों के पाँवों के जूते ही खाती है। Ego karney se hum phul toh saktay hn per phel nahi saktay….