परिवार –                                जिंदगी की किताब (पन्ना # 208)

Good day to all divine souls …….

जय सच्चिदानंद 🙏🙏

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परिवार ……

किसी भी परिवार मे भलई बड़ा घर , कार ,ए.सी ,महँगा फर्नीचर ना भी हो तो चलेगा लेकिन आपसी प्रेम हो तो वह इन चीजो से ज्यादा सुख देगा । यदि परिवार के सभी सदस्य खुश है तो समझो कि सच्चे धर्म की यही से शुरुआत हो गई ।
परिवार एक ऐसी बगिया हैं जिसे संस्कारों के बीज से सींचा जाता है । जहॉ रंगबिरंगे हर किस्म के फूल खिलते है व हर सदस्य की भूमिका माली की तरह होती है ।
जैसे कि सात वार मिलने से सप्ताह बनता हैं वैसे ही परिवार के सभी सदस्य के मिलकर रहने से परिवार बनता है । साल मे एक बार होली व दीपावली का त्योहार आता है ,लेकिन जहॉ परिवार के सभी सदस्य एक साथ मिलकर भोजन करते है तो वहॉ हर रोज होली का त्योहार बन जाता है । जहॉ सभी सदस्य घर मे हँसते हुये मुस्कान की रोशनी बिखेरते है तो वहॉ हर रोज दीपावली का त्योहार बन जाता है । 

परिवार मे दरार या टूटन की स्थिती से बचने के लिये कुछ निम्न बातो को भी ध्यान देना जरूरी है ।

मन साफ और वाणी मे मिठास रखे ,धन का लालच ना रखे , बड़े होने का अहंकार ना रखे ,छोटो की भी बात का महत्व दे ,एक सीमा तक स्वतन्त्रता का भी अहसास होने दे । छोटी-छोटी बातों को मन में गाँठ बना कर ना रखे । 
लिखने मे गलती हो तो क्षमायाचना🙏🙏

जय सच्चिदानंद 🙏🙏
picture taken from google 

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5 Comments Add yours

  1. सुंदर कविता
    जय सच्चिदानंद

    Liked by 1 person

  2. Madhusudan says:

    बहुत अच्छी बातें आपकी कलम से,

    Liked by 1 person

  3. "Sadhana" says:

    beautiful

    Liked by 1 person

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