आलस्य …….

Good day to all divine souls ………

बैठे हुये व्यक्ति का भाग्य बैठा रहता है । उठकर खड़े होने वाले का भाग्य उन्नति के लिये उठ खड़ा होता है । जो आलसी की तरह सोया रहता है उसका भाग्य भी सोया रहता है ।

आलस्य हमारा महाशत्रु तथा पतित करने वाला दुर्गुण है ।आलसी मनुष्य अपने लक्ष्य तक कभी नही पहुँच सकता जैसे कि जंग लोहे को खराब कर देता है ,वैसे ही आलस्य शरीर को बिगाड़ देता है । कठिन काम करने से शरीर जितना खराब नही होता उतना आलस्य से हो जाता है ।

……. आप सबकी विमला दीदी

लिखने मे गलती हो तो क्षमायाचना 🙏🙏

जय सच्चिदानंद 🙏🙏

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15 Comments Add yours

  1. Madhusudan says:

    Bilkul sahi kahaa…. hajaar achchhaayee ko bhi aalasy buraayee me tabdil kar deta hai.

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  2. जय सच्चिदानंद अतिसुंदर प्रेरणा सुप्रभात के साथ

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  3. बहुत ही सच कहा है आपने। बहुत खूब।

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  4. Rekha Sahay says:

    एकदम सही. ऐसा ही एक श्लोक पढ़ा था स्कूल में .

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    1. जी ,धन्यवाद
      आपको देखकर बहुत खुशी हुई 😊

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      1. Rekha Sahay says:

        आभार, मैं हमेशा आपके ब्लॉग पर जाने में असफल हो जाती थी । आज आसानी से आपका ब्लॉग खुल गया। 🙂 । आप बहुत अच्छा लिखती हैं।

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          1. Rekha Sahay says:

            जो सराहना के योग्य हो, उसे सराहना हीं पङेगा।

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              1. Rekha Sahay says:

                बिलकुल नहीं। आप इसकी हकदार हैं।

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                1. अब क्या बोलूँ । सबकी अलग अलग पहचान व विशेषता है । सभी से कुछ ना कुछ सीखने को मिलता है 😊😊

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                  1. Rekha Sahay says:

                    सही बात है। 🙂

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