जिंदगी क्या है ?….

एक मित्र के यहॉ उसके दादाजी से मुलाक़ात हुई ।मैंने उनसे काफी बाते की । बातो बातो मे दादाजी से पूछा आखिर ये जिंदगी है क्या ? इसको जीने के लिये कोई सलाह दीजिये । उन्होंने मुझसे सवाल किया कि कभी तेल की कड़ाही साफ़ की है ? उनके प्रश्न पर आश्चर्य करते हुये बोली…

निस्वार्थता …….

Good day to all divine souls…. मदद कीजिये ,फ़ायदे के बग़ैर मिल लीजिये ,मतलब के बग़ैर जीना सीखिए, दिखावे के बग़ैर मुस्कुराना सीखिए, सेल्फी के बग़ैर क्षमा कीजिये ,माफी के बगैर दान दीजिये ,नाम के बगैर धर्म कीजिये ,चाहत के बगैर रिश्ता निभाइये ,स्वार्थ के बगैर प्रशंसा कीजिये ,मस्के के बगैर इज्जत दीजिये,अपमान के बगैर …