चंदा रे ……

खुले आसमान मे खिले चंदा को देखकर कहा चॉद तुम वाकई लाजवाब हो !! ईद पर भी नजर आते हो !! तो करवाचौथ को भी नही भूले !! इंसानों की तरह धर्म मे  कम से कम तुम तो नही बँधे !! और इंसानों की तरह  भगवान का नही किया बँटवारा !! शीतल चॉदनी की फुहार…

मन की प्रवृति …..

Good day to all divine souls… मुझमें ज्ञान कम है यह मत विचारिये मन से ना हारो और सदव्यवहार करते जाइये  जैसे कि सूरज और चॉद दोनो अमावस्या मे नही दिखते है  उस समय मे दीप अपना काम क्या करता नही ?