मेरी संस्कृति …..रंगीलो प्यारों राजस्थान ….

मेरी संस्कृति …..रंगीलो प्यारों राजस्थान  म्हारो प्यारों राजस्थान,म्हारा हिवडा(दिल) री जान आज मैं अपने प्यारे रंगीले राजस्थान से जुड़ी कुछ बाते बताना चाहूँगी …. मारवाड़ी बोली ,मीठी बोली  बोले तो लागे “मिसरी री (की) डली” बार बार सुनवा रो मन करे सुनजो तो सही !!  कठई (कही पर) कोनी (नही) मिलेला (मिलना) मावा री कचौरी,सतू…

सुविचार …..

Good day to all divine souls… तन जितना घूमता है उतना ही स्वस्थ रहता है , मन जितना स्थिर रहता है उतना ही स्वस्थ रहता हैं …. Waste work will make you heavy and tired and positive work makes you happy,light and refreshed .