निन्दक राम …..

मेरे अच्छा पड़ोसी निन्दक राम  अच्छा है,जो तुमने गाली दी  हमे दोषों से अवगत कराया  आत्म सुधार की और धकेला  तुम जैसा उपकारी ना मिला अब तक  प्रशंसक तो बहुत मिलें थे आज तक  पर स्वयं को पहचानने के लिये  निन्दक भी जरूरी था । तुम सही वक्त पर आये हो यार  तुम्हे धन्यवाद करता…

सुविचार …..

Good day to all divine souls……. सांसो की डोर है तब तक  चलो थोड़ी मुस्कुराहट बाँटते हैं  ख़ुशियों के फूल महकाते है  दुख तकलीफों को घटाते है  प्रभु सिमरन बढ़ाते है …..