जल बचाओ….

जल बचाओ ………हमारा जीवन जल पर ही आधारित है। मनुष्य, जीव-जंतु, पेड़-पौधे, जड़-चेतन और वायु सब में जल व्याप्त है। जल के कारण ही संसार चल रहा है। 

भारत में 85 प्रतिशत पानी कृषि के लिए ,10 प्रतिशत पानी उद्योग हेतु ,तथा 05 प्रतिशत जल घरेलू कार्यों में प्रयोग किया जाता है।
हम हर रोज कितना पानी बर्बाद करते हैं ? 
हम में से ज्‍यादातर लोग पेय प्रदार्थ पीने के बाद कप या गिलास को सिंक में छोड़ देते हैं। कुछ घंटों बाद उसको दूसरे बर्तनों के साथ धोते हैं। लेकिन अंदाज़ा हैं ? बाद मे धोने से इसमें कितना पानी बर्बाद होता है? अगर कप या गिलास को पेय पीने के तुरंत बाद साफ कर दिया जाए, तो उसे धोने में लगभग 50 प्रतिशत कम पानी खर्च होता है। आइए हम गणना करते हैं कि हर रोज कितना पानी बर्बाद करते हैं। लेकिन अगर हम चाहें, तो इस पानी को बर्बाद होने से बचा सकते है।जैसे कि….
ब्रश करते समय -ज्‍यादातर लोग जब ब्रश करते हैं, तो नल खुला छोड़ देते हैं। ऐसे में पानी बहता रहता है । कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो ब्रश करते वक्‍त मग या डिब्‍बे से पानी का इस्‍तेमाल करते हैं तो पानी बरबाद नही होता हैं ,लेकिन नल खुला छोड़ कर ब्रश करने से लगभग 10 लीटर पानी बर्बाद हो जाता है। इस तरह एक शख्‍स महीने में 300 लीटर पानी ब्रश करने के दौरान बर्बाद कर देता है।

शेविंग करते समय -अगर आप नल को खुला छोड़ देते हैं तो लगभग 6 लीटर पानी बर्बाद हो जाता है। लेकिन शेविंग करते समय नल खुला नहीं छोड़ें तो हर महीने लगभग 200 लीटर पानी बर्बाद होने से बचाया जा सकता है।
नहाने मे शावर या बाल्टी-रोज शॉवर की जगह बाल्‍टी में पानी भरकर नहाते हैं तो 50% पानी के बरबाद होने से बचा सकते है ।
बाथरूम या घर में नलों के रिसना- नल खराब होने पर तुरंत ठीक करवा ले ।बाथरूम या घर में नलों के रिसने से भी हजारों लीटर पानी बर्बाद हो जाता है। नल खराब होने से यदि एक मिनट पानी टपकता रहे तो लगभग 45 बूंद पानी बह जाता है। इससे तीन घंटे में लगभग 1 लीटर से ज्‍यादा पानी बर्बाद हो जाता है। लेकिन एक बूंद प्रति सेकंड की दर पर टपकने वाले नलों से हर वर्ष 10,000 लीटर पानी व्यर्थ हो सकता है।
कार धोते वक्‍त-पाइप से पानी डालकर कार धोने से 300 लीटर के लगभग पानी खर्च हो जाता है। वहीं बाल्‍टी में पानी लेकर कार की धुलाई करने में सिर्फ 30 से 40 लीटर पानी ही खर्च होता है। ऐसे में हर हफ्ते कार धोते समय पवन लगभग 250-300 लीटर पानी बचा सकते हैं।
बर्तन धोते समय-हर रोज टब में पानी भरकर बर्तन धोने से लगभग 5 से 6 लीटर पानी खर्च होता है। वहीं सिंक में नल के नीचे बर्तन धोने मे लगभग 20-22 लीटर पानी खर्च होता है। ऐसे में हर दिन लगभग 40 लीटर और महीने में 1200 लीटर पानी बच सकता हैं।
घर की साफ़ सफाई के दौरान भी अनेकों लीटर पानी की बचत कर सकते हैं ।
ऐसे और भी उदाहरण मिल जायेंगे जिसमें जल को बचाया जा सकता है । 

जल ही जीवन है ।हम अपनी छोटी-छोटी आदतों को बदल कर बड़ी मात्रा में जल बचा सकते हैं। 
क्‍या आप आज से रोजमर्रा की जिंदगी में पानी बचाने की कोशिश करेंगे? क्‍या पानी की एक एक बूंद को भी बर्बाद करने से पहले सोचेंगे ?

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