गरीब कौन …..

गरीब कौन ….. 

अमीरी या ग़रीबी सिर्फ पैसों से ही नही ऑकी जाती हैं बल्कि दिल से ऑकी जाती हैं । जिसके दिल मे हमेशा दूसरों को सुख देने की भावना हो किसी का भी बुरा ना चाहे वह सबसे अमीर हैं । 
देखा जाये तो हमारे पास भी दो सम्पदा हैं । एक सम्पदा जो बाहर की भौतिक सम्पदा है वह हमारा आज या कल छीन ही जायेगी । एक सम्पदा जो भीतर है शांति की ,आनंद की वह कभी छिनी नही जा सकती जिसको पाने पर फिर कुछ पाने को नही रह जाता ।
इंसान गरीब कई बातों से कहला सकता हैं । गरीब वो हैं जिसके दिल में मॉ और पिता के लिए जिम्मेदारी व दर्द नहीं होता । भाई व बहन के लिए प्यार व स्नेह नहीं होता,जहॉ रिश्तों को दिखावा के लिये निभाया जाता ।
गरीब वो है जिसके दिल में भूखे ,बीमार व लाचार गरीबो के लिये दान देने की कोई प्रवृति नहीं होती । दुसरो के दुख मे साथ छोड़ देता हैं । गरीब वो है जिसके मन में अपने बड़े बुज़ुर्गो तथा गुरुओ के लिए आदर नहीं होता,अपना स्वाभिमान नहीं होता,जिसकी ज़िंदगी में कोई अपना नहीं होता वो गरीब है।
गरीब वो है जिसको प्रेम और निस्वार्थ भावना से कोई नाता नहीं होता ।
लघु कथा ….

एक व्यक्ति जिसका नाम सुखदेव था , वह हँसते हुये घर गृहस्थी के सारे कर्तव्य का पालन करते हुये आराम से संतोष की श्वास लेते हुये जीवन निर्वाह कर रहा था । एक बार सुखदेव भ्रमण करते हुए कहीं जा रहा था तो उन्हें रास्ते में एक सोने की गिन्नी मिली ।सुखदेव तो संतोषी स्वभाव के थे उन्हे गिन्नी का कोई लालच नही था ,भला क्या करते ? उन्होंने सोचा यह गिन्नी किसी गरीब को दी जाये ।कई दिन तक गरीब की तलाश की लेकिन एक भी गरीब नहीं मिला।

एक दिन उसने देखा कि एक राजा अपनी सेना सहित दूसरे राज्य पर चढ़ाई करने जा रहा है। साधु ने वह गिन्नी राजा की उपर फेंक दी ।इस पर राजा बड़ा क्रोधित हुआ ।लेकिन सुखदेव ने शांति के साथ कहा, हे राजन् मुझे राह मे एक सोने की गिन्नी मिली तभी मैने गिन्नी को गरीब व्यक्ति को देने का तय कर लिया। लेकिन मुझे आपके जैसा कोई गरीब व्यक्ति नहीं मिला।कारण कि जो इतने बड़े राज्य का राजा होकर भी दूसरे राज्य पर चढ़ाई करने जा रहा हो । उसके लिए युद्ध में असंख्य जीवन व धन का नाश होने का विचार न किया हो ।वो इससे बड़ा गरीब कौन होगा ? सुखदेव की बात सुनकर राजा का क्रोध शांत हुआ और अपनी भूल का पश्चाताप करते हुए अपने राज्य में लौट आया।  

इस कथा का कहने का तात्पर्य यह है कि संतोषी व्यक्ति अमीर हैं और उसका स्वभाव परम धन है। आदमी पैसों से नही दिल से अमीर होता हैं और वह हमेशा परमात्मा से जुड़े होने का अनुभव करके खुशी महसूस करता हैं ।
यदि इंसान पैसों के साथ दिल से भी अमीर हो तो वह सोने पे सुहागा वाली बात होगी ।
लिखने मे गलती हो गई हो तो क्षमाप्रार्थी 🙏🙏
जय सच्चिदानंद 🙏🙏

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